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सांप्रत चैत्र सुद तेरस की सात उपलब्धिंया

by Devardhi
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कोरोना के वातावरण में हमें कुछ पॉज़िटिव बातें देखने मिली हैं

 

पूज्य मुनिराज श्री प्रशमरतिविजयजी म. ने बताया है कि इस वर्ष भगवान् श्री महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर्व के अवसर पर प्रभु महावीर के मंगल वचनों का स्वाध्याय अधिक हो रहा है . कोरोना आया यह अच्छा नहीं हुआ लेकिन कोरोना के कारण जो देश में , नगरों में , गाँवों में घटना क्रम चला है उस में हमें कुछ पॉज़िटिव बातें देखने मिली हैं .
+ प्रभु महावीर ने अपनी युवा पुत्री प्रिय दर्शना को दीक्षा दी थी . हम हमारे युवाओं को धर्म के साथ जोड़े यह प्रभु का संदेश है . सच्चाई यह है कि हमारे युवावर्ग का एक तबका मंदिर से दूर रहना पसंद करता था . युवा को मंदिर की क्रिया समझ नहीं रही थी तो वह मंदिर के विषय में प्रश्नार्थ लेकर घुम रहा था . पिछले कई दिनों से भारत के सभी मंदिर एकजुट बनकर आपत्ति ग्रस्तों को सहाय पहुंचा रहे हैं . युवाओं को यह दिख रहा है , अच्छा लग रहा है और इसीके कारण युवाओ की मंदिरों के प्रति श्रद्धा बढ़ गयी है . हमारा युवाधन मंदिरों से अधिक जुड़ गया है. इन दिनों की यह प्रथम उपलब्धि है .

+प्रभु वीर ने कहा था कि नास्तिकता की छाया से दूर रहो और नास्तिकता को दूर करो .
हमारें मंदिरों पर , मनी माइंडेड फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने विचित्र आक्षेप किये हैं . मंदिरों को गरीबो के लिए निरुपयोगी बताना और लोगों को श्रद्धा भ्रष्ट करना यह सिलसिला सालों से चला आ रहा है . कोरोना के कारण आए हुए संकट में देश के मंदिरों ने जो आत्मीयता और उदारता दिखाई है उसे पुरा भारत देख रहा है . जैसे सरकार एवं देशवासी जन , सहाय कार्य में जुड़े है वैसे एक एक मंदिर का व्यवस्था तंत्र भी सहाय कार्य में जुड़ा हुआ है . कोइ भी मंदिर शॉबाजी नहीं कर रहा है लेकिन मंदिर विरोधी फ़िल्मकार , गीतकार एवं अभिनेताओं को हमारे मंदिरों ने करारा तमाचा जड़ दिया है . मंदिरों ने करोडों गरीबों को संभाल लिया है और आनेवाले समय में संभालेंगे ऐसा विश्वास भी जताया है . इन दिनों की यह द्वितीय उपलब्धि है .

+प्रभु वीर ने कहा था कि धर्म करो लेकिन धर्म का प्रदर्शन मत करो . आजतक मंदिरों की भीड़ में धर्म हो रहा था तो अपनेआप प्रदर्शनवृत्ति बन जाती थी . अब घर बैठे धर्म हो रहा है तो प्रदर्शन वृत्ति पर अधिकाँश अंकुश आ गया है . इन दिनों की यह तृतीय उपलब्धि है .

+प्रभु वीर ने कहा था कि धर्म , क्रिया आश्रित भी होता है और भाव आश्रित भी होता है . आज सभी मंदिर बंध होने के कारण , भाव आश्रित धर्म में जबरदस्त वृद्धि हुई है . लोग – मंत्रजाप , ध्यान , स्वाध्याय आदि में अधिक जुड गये हैं . जो मंदिर नहीं जा रहा है वह अपने प्रभु को याद करके आंसू बहा रहा है . प्रभु की याद के आंसू , साधना की शक्ति को बढावा देते हैं . भाव आश्रित धर्म घर घर पहुंचा है यह इन दिनों की चतुर्थ उपलब्धि है .

+प्रभु वीर ने कहा था कि सबसे बडा भय एवं सब से बडा सत्य है मृत्यु . अतः मृत्यु को याद रखके जिंदगी जियो . मृत्यु को भुलकर जिंदगी जियोंगे तो आत्मा को नुकसान हो जाएगा . इन दिनों की पंचम उपलब्धि यह है कि सब अपने मृत्यु के विषय में सचेत हैं . कोई आतंकित है , कोई चिंतित है , कोई सतर्क है , कोई सावधान है . मैं मरने से नहीं डरता ऐसा बोलनेवाले मूढ लोगों की अकल ठिकाने आ गई है . कभी भी कुछ भी हो सकता है , सब जानते हैं . इसी के चलते सब अपने अपने जीवन को संयम एवं नियम से अनुशासित कर रहे हैं . पाप और अपराध कम हो गये हैं .

+प्रभु वीर ने कहा था कि देश और धर्म परस्पर जुड़े रहने चाहिये . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एवं सभी नेताओं ने देश को भी संभाला है और धर्म को भी आदर दिया है . तो सभी धर्मों ने देश के हित में जो भी सरकारी आदेश हुएं उसका सुचारु पालन किया है . देश और धर्म का सामंजस्य यह इन दिनों की छठी उपलब्धि है .
+ प्रभु वीर ने कहा था कि कुदरत के साथ खिलवाड़ मत करो . आज सभी रोड सुमसाम है लेकिन पंछीओं की आवाज़ में निर्भयता है , पशुओं को आराम मिल गया है , हवाएं शुद्ध हो गई हैं . इन दिनों की यह सब से बडी उपलब्धि है .

 

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