चेष्टाओं को छोड़ देना यह उत्सर्ग है . मन की चेष्टा होती है . उसे छोड़ देना यह उत्सर्ग है …
Devardhi
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मन को शुभ विषय में एकाग्रता पूर्वक जोड़ना चाहिए . वोही ध्यान है . तीन बातें हैं . १ . …
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धर्मग्रंथ का अभ्यास करते हुए मन को शुभ भावना से भावित रखना , इसे स्वाध्याय कहते है . तीन बातें …
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उत्तम पुरुषों की सेवा भक्ति करना उसे वेयावच्च कहते है . तीन बातें हैं . १ . साधु साध्वीजी भगवंतों …
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विनय का अर्थ है आदर की अभिव्यक्ति . विनय का अर्थ है आदर पूर्ण अभिव्यक्ति . उत्तम पुरुष एवं उपकारी …
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तप आचार के बारह प्रकार में से प्रथम छह प्रकार को बाह्य तप कहते है . तप आचार के बारह …
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संलीनता अर्थात् विशेष स्थिरता . तीन बातें याद रखनी चाहिए . १ . मन को किसी एक शुभ विषय में …
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काय क्लेश अर्थात् शरीर को कष्ट देना . अपनी सहन शक्ति के अनुसार शरीर को कष्ट देना चाहिए . शरीर …
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रस त्याग अर्थात् स्वादिष्ट द्रव्य का त्याग . आप को जो आईटम खाने में प्रिय अथवा अति प्रिय लगती है …
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वृत्ति संक्षेप में आहार द्रव्य , पेय द्रव्य की संख्या तय की जाती है . कम से कम द्रव्य लेना …
