यो मोक्षरागवान् मोक्षविचारणपरायणः । स एव भगवद्-भक्त्यास्वादमाप्नोति वास्तवम् ।। १ ।। त्वं कुतोડत्र समायातः कुत्र चान्ते प्रयास्यसि । किमादाय त्वमुत्पन्नः …
Devardhi
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यश्चकार शुभं तस्य समय: सुन्दरो गत : | योऽकरोदशुभं तस्य समयो दूषितो मत : ।।२६।। कुरू कारय सत्कार्यं देहि साहाय्यमादरात् …
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हम दिनभर सोचते रहते हैं . हम रात में सपनों में भी सोचते रहते हैं . यह जरूरी है कि …
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प्रत्येक धर्म के अपने अपने मूल ग्रंथ होते हैं . जैन धर्म के मूल ग्रंथ को आगम सूत्र कहते हैं …
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પૂના શહેર . બુધવાર પેઠ . પાસોડ્યા વિઠોબા મંદિરની પાસે એક ઈલેક્ટ્રોનિક્સની દુકાન . નામ : પૂના એર હોમ . …
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हम जिस से धर्म का ज्ञान लेते हैं उसे याद रखना यह हमारी फर्ज है . धर्म ज्ञान के दाताओं को …
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ज्ञान , महत्त्वपूर्ण विचार देता है . ज्ञान , उपयोगी मार्गदर्शन देता है . ज्ञान , आचार धर्म को …
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बहुमान की अभिव्यक्ति में अपमान का अभाव मुख्य होता है . आशातना न करना यह बहुमान है . अविनय …
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आदर देने से विनय होता है . सत्कार करने से विनय होता है . नमस्कार करने से विनय होता है …
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( जैन धर्म में पांच आचार का पालन अनिवार्य है . प्रथम आचार है ज्ञान आचार . ज्ञान आचार के …
