धर्मचिंतन – ६ स्वप्रेरित धर्म की आयु लंबी होती है . अन्यप्रेरित धर्म की आयु सीमित होती है . जिस …
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Hindi
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धर्म चिंतन – ४ कोई तुम्हारी श्रद्धा को तोडना चाहता है . तुम भगवान् को प्रेम करते हो वह उसे …
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आप ने आज तक जो धर्म किया है उससे अधिक धर्म और उससे बहेतर धर्म आप कर सकते हैं …
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आप के वचन से धर्मात्माओं की उत्साह वृद्धि होनी चाहिए . आप के वचन से धर्मात्माओं का उत्साह भंग नहीं …
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धर्म करने के दो तरीके हैं . एक , पुरी ताकत लगाके धर्म करो . दो , थोडीसी ताकत लगाके …
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आज मेरे प्रभु की आंगी नहीं बनी है . फिर भी मेरे प्रभु देदीप्यमान है . प्रभु को आंगी चढाते …
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जीवदया जैन धर्म का प्राण है . जीवदया के तीन नियम है . एक , स्वयं की जीवन शैली ऐसी …
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સૌથી મોટો ફરક પડે છે હિંમતનાં કારણે . તમને શુભ પ્રવૃત્તિ વિશે સાંભળીને સારું લાગે છે , એક . તમને …
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